थोडा मुस्कुराया जाये
चलो आज फिर
थोडा मुस्कुराया जाये
जलने वालो को बिना
माचिस के जलाया जाये
लोगो को अपनी
खुशियाँ दिखाया जाये
चलो आज फिर
थोडा मुस्कुराया जाये
आग दुश्मन के दिल में
फिर से लगाया जाये
जलने वालो को बिना
माचिस के जलाया जाये
चलो आज फिर
थोडा मुस्कुराया जाये
दिन को अपने आज और
खुशनुमा बनाया जाये
चलो आज फिर
थोडा मुस्कुराया जाये।
चलो आज फिर
थोडा मुस्कुराया जाये
जलने वालो को बिना
माचिस के जलाया जाये
लोगो को अपनी
खुशियाँ दिखाया जाये
चलो आज फिर
थोडा मुस्कुराया जाये
आग दुश्मन के दिल में
फिर से लगाया जाये
जलने वालो को बिना
माचिस के जलाया जाये
चलो आज फिर
थोडा मुस्कुराया जाये
दिन को अपने आज और
खुशनुमा बनाया जाये
चलो आज फिर
थोडा मुस्कुराया जाये।
आपका दोस्त -- सुमित सोनी

No comments:
Post a Comment