Skip to main content

Freedom251 - offer ya ghotala

             फ्रीडम 251          

सावधान घोटाला होने वाला है -
   ये सस्ता मोबाइल का क्लेम करने वाला फ़्रीडम 251 घोटाले के सिवा और कुछ नहीं.
   रिंगिंग बेल एक फ़्रॉड कम्पनी के सिवा कुछ और नहीं है । इस बात की पूरी सम्भावना है कि हमारे हिंदुस्तान के अंदर सस्ते मोबाइल फ़्रीडम 251- जिसका मूल्य 251 रुपए है देने के के नाम पर बहुत बड़ा घपला हो जाये ।

    सावधान रहिये ये एकदम नई कम्पनी है जिसके बारे में कहीं भी कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है. और इंटरनेट पर भी केवल 4-5 पन्नो में ही  विवरण आ रहा है. इस कम्पनी की स्थापना अभी  पिछले वर्ष सितम्बर में ही  हुआ है और इसका वेबसाइट www.freedom251.com पिछले महीने में हीं ख़रीदा गया है. और यह तय है की सस्ते मोबाइल के नाम पर ये 100% घोटाले का हीं काम है.
इसी कम्पनी ( ringing bells.co.in ) ने अभी इसी महीने फ़रवरी में एक स्मार्टफ़ोन रुपए 2999/- में बेचने की कोशिश की पर 10 लोगों का भी ऑर्डर कन्फ़र्म नहीं हुआ. और इस कम्पनी का कोई जवाब भी नहीं आया और इनके द्वारा दिए गए किसी भी नम्बर पर कोई कॉल रिसीव नहीं करता. ईमेल भी बाउन्स बैक हो जाता है. लोग शिकायत कर रहे हैं उन्हें भी इस घोटाले में फँसाया गया और अब यही कम्पनी ऐसे हीं फ़ीचर( 4g की जगह 3G) रुपए 251/- में देने की बात कर रही है ये घोटाला के सिवा और कुछ नहीं दिख रहा.
    तो कृपया सावधान रहें. ये देखिए किस आसानी से और कितना बड़ा गोलमाल हो सकता है:-
  अगर रुपए 251/- भाव से भी हिंदुस्तान के सिर्फ़ 1000000 ( 10 लाख ) लोगों ने भी बुक किया तो 251000000 ( पच्चीस करोड़ दस लाख ) सिर्फ़ दो- चार पेज की वेब साइट / न्यूज़ पेपर ऐड देकर बना लेगी.
  कम्पनी इस चक्कर में है कि छोटी रक़म समझ कर कोई कुछ नहीं करेगा और भूल जाएगा ,और शायद यही होगा भी ............
   अपने 251/- रुपए बचाइए और इस घोटाले का हिस्सा बनने से बचीए.
  कम्पनी आज सुबह 6 बजे से इसकी बुकिंग शुरू की  है,
आशा है कि मेरे इस पोस्ट को अधिक से अधिक लोग पढ़ेंगे और शेयर भी करेंगे ताकि सभी लोग इस गोलमाल को समझ सके और मूर्ख बनने से बच सके.

धन्यवाद 🙏

आपका दोस्त - सुमित सेठ
Post a Comment

Popular posts from this blog

राष्ट्रप्रेम

राष्ट्रप्रेम


”जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी ।”

अर्थात्

मनुष्य ही नहीं वरन् चर-अचर, पशु-पक्षी सभी अपनी मातृभूमि से प्यार करते हैं ।


राष्ट्रप्रेम - राष्ट्र के प्रति सम्मान भाव रखना ,सदैव राष्ट्रहित में तत्पर रहना राष्ट्रप्रेम कहलाता है ।

राष्ट्र प्रेम हमारे अंदर की वो भावना है जो हमें अपने राष्ट्र के प्रति कृतज्ञ बनाती है , इसी भावना तथा श्रद्धा के कारण ही बहुत से वीर मातृभूमि के लिए प्राण भी दे चुके है और बहुत से वीर जवान अभी जज्बा भी रखते है ।


राष्ट्रप्रेम का अर्थ सिर्फ यह नही है की हम सीमा पर जाकर दुश्मन देशों से युद्ध कर के ही प्रेम जताए , स्थान से ज्यादा हमारा भाव महत्त्व रखता है हम युद्ध के अलावा नित्यप्रति भी अपने कर्मों से राष्ट्रप्रेम कर सकते है लेकिन याद रखें की हमे सिर्फ राष्ट्र प्रेम करने की आवश्यकता है , राष्ट्रप्रेम करते हुए दिखावा करने की नहीं ।



शायद आप लोगों ने भी अपने बचपन में स्वामी रामतीर्थ के जापान यात्रा के दौरान घटित हुए प्रसंग को पढ़ा होगा , जब स्वामी रामतीर्थ एक रेलवे स्टेशन पर अच्छे फलों की तलाश में थे और उन्होंने कहा की शायद यहां अच्छे फल मिलते ही नही तो एक ज…

खुला खत - 1 (शोहदों के नाम )

एक खुला ख़त तमाम शोहदों के नाम


नमस्कार ,

                समझ नहीं आता की कैसे और कहाँ से शुरू करूँ , आखिरकार आप लोगों की करस्तानियाँ ही ऐसी हैं ।

आप कॉलेजों के बाहर , गलियों के मुहानो पर तथा नुक्कड़ों पर मिलने वाले वही महान विभूतियाँ है जो लड़कियों का जीना हराम कर देते हैं ।

                  यूँ ही आवारागर्दी करते करते आप को कोई भोली भाली सी लड़की पसंद आ जाती है, कुछ दिनों तक आप उसे राह चलते देख देख कर आँख सेकते हैं(आपकी भाषा में) ,  फिर उस लड़की का नाम पता करते हैं , अब आप उस लड़की से ना जाने किस सस्ते टाइप का प्यार करने लगते है जिसके मूल में देहाकर्षण ही होता है परंतु आप इसे सच्चे प्यार का नाम देते है और आप अब उस लड़की को पाने के लिए जमीन आसमान एक करने लगते हैं अपने दोस्तों वगैरह से बताते फिरते हैं सिवाय उस लड़की को बताने के !!!!


एक दिन वो भी आता है की आप अपने दोस्तों की बात मान लेते है और  बहुत हिम्मत करके अपना हाल ए दिल उस लड़की को बता देते हैं परंतु यह क्या ..............?

वो लड़की आप से प्यार करने से इन्कार कर देती है।


अब आपके अहंकार को ठेस पंहुचता है , आप सोचते है की उस लड़की की इतनी हिम…

वर्तमान हिंदी सिनेमा

वर्तमान हिंदी सिनेमा

हम आज आदरणीय दादा साहब फाल्के जी के द्वारा लगाये गए उस बीज की चर्चा कर रहे है जो आज एक विशाल वृक्ष का रूप ले चुका है ।
हिंदी सिनेमा आज हमारे मनोरंजन के साथ - साथ कुछ नए तहजीबों और नए तरीकों को सिखने का एक जरिया भी है इसी के वजह से हम अपने देश तथा विदेशों के भी अन्य विशेष गुणों को सिख लेते है जिन्हें हम शायद प्रत्यक्ष रूप से कभी भी जान नही पाते ।
विगत कई वर्षों से रामायण - महाभारत तथा पुराणों से  संबंधित कई फिल्में आई जिन्हें देखकर लोग कुछ अपने धार्मिक पुराणों और उनके किरदारों तथा पूज्य देवी देवताओं के बारे में रोचकता पूर्वक अधिक जानकारी भी प्राप्त किये ।

कुछ पारिवारिक पृष्ठभूमि की बेहतरीन फ़िल्में भी आई जिनके कारण हमारे समाज के रहन - सहन में भी थोड़ा और बदलाव आया जिससे हम अपने संस्कारों के साथ- साथ आधुनिक भी बनें ।

21 वीं सदी का यह दौर भी भारतीय सिनेमा में एक नए किस्म का बदलाव लेकर आया अब कई तरह की फ़िल्में बनने लगी है जिनमे से कुछ तो हमारे समाज के लिए सकारात्मक सन्देश देती है परंतु कुछ फ़िल्में ऐसी भी होती है जिनके कारण  दर्शक अपने जीवन की वास्तविकता से दूर होकर हवाई …