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वो - vo


U hi kyu log mil jate hai log
dil me kyu bas jaate hai log
Agr hmari jindagi me nhi aana hota hai 
To Aakhir kyu hmse dil lgate hai log 

Jb Ek din 6od jana hota hai
Jb Ek din tadpana hota hai 
U hmko rat bhar rulana hota hai
To Aakhir kyu hmse dil lgate hai log

आपका दोस्त - सुमित सोनी


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नारी है या लाचारी

नारी है या लाचारी


नारी का होना नारी
जैसे सबसे बड़ी लाचारी है ।
मानवता तो ख़त्म हो रही
दानवता सब पर भारी है ।

सर्वप्रथम तुम कोख में मारते
जो पता लगा की बच्ची है ।
आखिर क्यों नही तुम समझते
यही  संतान तुम्हारी सच्ची है ।

जो बच गई कोख में फिर भी
शोषणता इसकी जारी है ।
मानवता तो ख़त्म हो रही
दानवता  सब पर भारी है ।

उसका हंसना और मुस्कुराना
सब पे तुम्हारी पाबन्दी है ।
क्यों करते हो तुम आखिर ये सब
क्यों सोच तुम्हारी गन्दी है।

बेटियों को तुम कब तक
इस तरह छिपाओगे ।
आखिर कब तुम खुद चेतोगे
कब बेटों को समझाओगे ।


बेटियो को टोकने की बजाय
बेटो से  तुम ये कह जाओ ।
प्यारी है कोमल है ये बेटीयाँ
तुम बेटों इन्हें बचाओ ।
तुम बेटों इन्हें बचाओ- अपनी मानवता को दिखलाओ।


जब इन बेटों ने ही बढ़ कर
थाम ली जिम्मेदारी

तब से ना कभी रोयेगी
हमारी बिटिया रानी- हमारी बिटिया रानी



सुमित कुमार सोनी

Facebook- सुमित कुमार सोनी
Whatsapp-  9450489148
Instagram - Sumit soni
Twitter - Sumit soni

रूठी है जिंदगी .....

रूठी है जिंदगी .......





आज जिंदगी कुछ रूठी सी लग रही है
रात तो आधी बीत गई है 
पर आँखे मेरी अब भी जग रही है 
आज जिंदगी कुछ रूठी सी लग रही है


आंसुओ का दरिया आँखों से बह रहा
मेरे दिल से दर्द का लावा निकल रहा 
अब तो सांसे भी छूटी छूटी सी लग रही है 
आज जिंदगी कुछ रूठी सी लग रही है


लग रहा ये सफर अब थम ही जायेगा
ना वो अपना अब मेरे पास आएगा 
अब हर सच्ची कहानी भी झूठी सी लग रही 
आज जिंदगी कुछ रूठी सी लग रही है 


आकर थाम लो , तुम मेरे हाथ को 
तड़प रहा हूँ मैं अब तेरे साथ को 
अरमानो की दिल में चिता जल रही है
आज जिंदगी कुछ रूठी सी  लग रही है


               - सुमित सेठ
सुमित कुमार सोनी (फेसबुक)
.twitter

वो शख्श

अनजान रह गया वो
शख्श जिंदगी में  जिसने औरो की फिक्र में  जिंदगी गुजार दी ।।
गरीब रह गया वो  शख्श जिंदगी में जिसने औरो की जरुरत पर अपनी उधार दी ।।
वो तो मिटता रहा  लोगो की खुशियों पर लोगो ने मिल कर  उसकी दुनिया उजाड़ दी ।।
वो तो लगाता रहा उम्र भर चाहत के फूल  लोगो ने मिलकर  उसकी बगिया ही उजाड़ दी ।।
फैलता रहा वो हरदम  प्रकाश सबके जीवन में सबने मिलकर उसकी जिंदगी  घुप्प अंधेरो में पाट दी ।।       आपका मित्र - सुमित सोनी